Easy Vastu Tips in Hindi | मकान के सरल वास्तु उपाय

Easy Vastu Tips in Hindi | मकान के सरल वास्तु उपाय

क्या है वास्तु (Vastu) शास्त्र, मकान बनाते समय रखे इन बातो का ध्यान, क्या है जरूरी वास्तु (Vastu) उपाय, कौन कौन से होते है वास्तु (Vastu) दोष, कैसे करे वास्तु (Vastu) दोषों का निवारण, What is important Vastu tips in hindi| इन सभी सवालों के जवाब दिए गए है इसी पोस्ट में| आइये जानते हैं इनके बारे में :

वास्तु (Vastu) शास्त्र के अनुसार प्लाट :

  1. प्लॉट खरीदते समय उस पर खड़े अनुभव करें। यदि आपको सकारात्मक अनुभूति हो तो ही वह प्लॉट खरीदें अन्यथा न खरीदें।
  1. अगर आप बना हुआ मकान खरीद रहें हैं तो पता लगा लें कि वहाँ पहले रह चुका परिवार खुशहाल परिवार है या नहीं।
  1. दरिद्रता या किसी मजबूरी के चलते बेचे जाने वाले मकान या प्लॉट को ना ही खरीदें तो बेहतर है। और अगर लेना ही है तो उसमें सावधानी बरतें।
  1. जीर्ण-शीर्ण अवस्था वाले भवन न खरीदें।
  1. मकान या प्लॉट को खरीदने से पहले जान लें कि वहाँ की भूमि उपजाऊ है या नहीं। अनुपजाऊ भूमि पर भवन बनाना वास्तु (Vastu) शास्त्र में उचित नहीं माना जाता है।

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वास्तु (Vastu) दोष निवारण  उपाय :

  1. घर (house) का मुख्य द्वार किसी अन्य के घर (house) के मुख्य द्वार के ठीक सामने न बनाएं ।
  1. घर (house) के आंगन में तुलसी का पौधा लगाएं और आंगन का कुछ भाग मिट्टी वाला भी रखें ।
  1. ईशान कोण किसी भी मकान का मुख कहलाता है । अतः इस कोण को सदैव पवित्र रखना चाहिए ।
  1. रसोई घर (house) मुख्य द्वार के ठीक सामने न बनाएं । ऐसा होने से अतिथियों का आवागमन होता रहता है ।
  1. पूजागृह, शौचालय व रसोईघर (house) पास-पास न बनवाएं ।
  1. विधुत उपकरण आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में रखें
  1. घर (house) में टूटे-फूटे बतरन, टूटा दर्पण, टूटी चारपाई न रखें । इनमें दरिद्रता का वास होता है । रात्रि में बर्तन झूठे न रखें ।
  1. दर्पण, वास बेसिन व नल ईशान कोण में रखें. सैप्टिक टैंक वायव्य कोण या आग्नेय कोण में रखें ।
  1. किसी भी मकान में दरवाजे व खिड़कियां ग्राउण्ड फ्लोर में ही अधिक रखें । उसके बाद प्रथम, दूसरी मंजिलों में कम करते जाएं ।
  1. बच्चों के अध्ययन की दिशा उत्तर या पूर्व होती है । यदि बच्चे इन दिशाओं की ओर मुंह करके अध्ययन करें तो स्मृति बनी रहती है
  1. घर (house) में पोछा लगाते समय पानी में सांभर नमक या सेंधा नमक डाल लें । इससे कीटाणु पैदा नहीं होंगे ।
  1. कभी भी बीम या शहतीर के नीचे न बैठें । इससे देह पीड़ा (खासकर सिर दर्द) होती है ।
  1. जल निकास उत्तर-पूर्व में रखें ।
  1. यदि घर (house) में घड़ियां हैं और वे ठीक से नहीं चल रही हैं तो उन्हें ठीक करा लें । घड़ी गृह स्वामी के भाग्य को तेज या मंदा करती है ।
  1. पूजागृह व शौचालय सीढ़ियों के नीचे न बनाएं ।
  1. वास्तुदोष निवारण का अतिसुगम उपाय यह है कि घर (house) में श्रीरामचरित-मानस के नौ पाठ अखंड रूप से करवाएं ।
  1. शयन करते समय सिरहाना पूर्व या दक्षिण दिशा की ओर रखने से धन व आयु की बढ़ोत्तरी होती है । उत्तर की ओर सिरहाना रखने से आयु की हानि होती है !
  1. पूर्व की ओर सिरहाना रखने से विधा, दक्षिण की ओर रखने से धन व आयु की बढोत्तरी होती है । उत्तर की ओर सिरहाना रखने से आयु की हानि होती है ।
  1. अन्नागार, गौशाला, रसोईघर, गुरू स्थल व पूजागृह जहां हो उसके ऊपर शयनकक्ष न बनाएं । यदि वहां शयनकक्ष होगा तो धन-संपदा का नाश हो जाएगा ।
  1. सवेरे पूर्व दिशा में व रात्रि में पश्चिम दिशा में मल-मूत्र विसर्जन करने से आधी सीसी का रोग होता है ।
  1. घर (house) में बड़ी मूर्ति नहीं रखनी चाहिए । यदि मूर्ति रखनी है तो वह एक बित्ते जितनी ही होनी चाहिए । अर्थात बारह अंगुल (उँगलियाँ) जितनी बड़ी हो ।
  1. घर (house) के पूजन कक्ष में किसी भी देवता की एक से अधिक मूर्ति न रखें ।
  1. पूर्व की ओर मुंह करके भोजन करने से आयु, दक्षिण की ओर मुंह करके भोजन करने से प्रेत, पश्चिम की ओर मुंह करके भोजन करने से रोग व उत्तर की ओर मुंह करके भोजन करने से धन व आयु की प्राप्ति होती है।

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  1. घर (house) में सात्त्विक प्रवृत्ति के पक्षियों के जोड़े वाला चित्र रखें । इससे परिवार का वातावरण मधुर पूर्ण रहेगा ।
  1. घर (house) के मुख्य द्वार पर नीबू या संतरे का पौधा लगाएं । ये पौधे संपदा बढ़ाने वाले होते हैं ।
  1. घर (house) के आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में सिक्कों वाला धात्विक कटोरा अर्थात् धातु का कटोरा रखें और उसमें ऐसे सिक्के जो मार्ग में पड़े मिले हों डालते जाएं । ऐसा करने से घर (house) में आकस्मिक रूप से धनागम होने लगेगा ।
  1. घर (house) के मुख्य द्वार पर बाहर की ओर पौधे लगाएं !
  1. परिवार के सदस्यों में मधुर पूर्ण भाव बना रहे, इसके लिए सभी सदस्यों का एक हंसमुख सामूहिक चित्र ड्राइंगरूम में लगाना चाहिए ।
  1. घर (house) में झाडू व पोंछा खुले स्थान पर न रखें । खासकर भोजन कक्ष में झाडू नहीं रखनी चाहिए । इससे अन्न व धन की हानि होती है ।
  1. रात्रि में झाडू को उलटी करके घर (house) के बाहर मुख्य दीवार के सामने रखने से चोरों को भय नहीं रहता ।
  1. पति-पत्नी में मधुर पूर्ण संबंधों के लिए शयनकक्ष के नैऋत्य कोण (दक्षिण-पश्चिम) में प्रेम व्यवहर करते पक्षियों का जोड़ा रखना चाहिए !
  1. शौच से निवृत्त होने के बाद शौचालय का द्वार बंद कर दें । यह नकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है ।
  1. दिन में एक समय परिवार के सभी सदस्यों को एक साथ भोजन करना चाहिए । इससे परस्पर संबंधों में मधुर आती है ।

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