Oldest Hindu Cave Mystery | हिन्दू धर्म से जुडी सबसे पुरानी रहस्यमयी गुफाएं

Oldest Hindu Cave Mystery | हिन्दू धर्म से जुडी सबसे पुरानी रहस्यमयी गुफाएं

दोस्तों, आप ने दुनिया भर की प्राचीन गुफाओं के बारे में पढ़ा होगा या देखा होगा | कई गुफाएं (Caves) ऐसे भी है जिनका संबंध विभिन्न प्रकार के धर्मों के साथ भी जोड़ा जाता है जिस कारण यह गुफाएं (Caves) बहुत ही खास मानी जाती है तथा इन गुफाओं या गुफा (Cave) मंदिरों में अलग-अलग प्रकार की नक्काशी व कारीगरी भी देखने को मिलती है.

आज हम आपको दुनियाभर में बनी हिंदू धर्म से जुड़ी बहुत ही प्राचीन गुफाओं के बारे में बताने जा रहे हैं. आइए जानते हैं उनके बारे में :

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#1. हिंगलाज माता मंदिर

स्थान : पाकिस्तान

हिंगलाज देवी का मंदिर पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हिंगुल नदी के किनारे पहाड़ पर स्थित है. पहाड़ पर एक हजारों साल पुरानी गुफा (Cave) है जिस गुफा (Cave) के अंदर यह मंदिर स्थित है. यह मंदिर बहुत ही ज्यादा प्राचीन तथा चमत्कारिक भी माना जाता है.

हिंदू लोग इस मंदिर को देवी सती के 51 शक्तिपीठों में से एक मानते हैं तथा इस मंदिर का उल्लेख कई अन्य ग्रंथों में भी मिलता है.

#2. गोवा गजह गुफा

स्थान : इंडोनेशिया

यूं तो इंडोनेशिया में हिंदुओं के कई प्राचीन मंदिर स्थित है तथा इंडोनेशिया के निवासी खुद को भगवान राम के वंशज भी मानते हैं. लेकिन इंडोनेशिया में बाली द्वीप समूह पर कई प्राचीन मंदिर स्थित है. इनमें से एक है “गोवा गजह गुफा”. यह गुफा (Cave) कई हजार साल पुरानी गुफा (Cave) मानी जाती है, जिसके अंदर भगवान शंकर का मंदिर स्थित है. यहां भगवान शिव शंकर के तीन शिवलिंग स्थित है जिसे देखने देश विदेशी पर्यटक आते हैं.

1995 में इस गुफा (Cave) को विश्व धरोहर में शामिल किया गया था.

#3. भगवान मुरुगन गुफा

स्थान : मलेशिया

कुछ समय पूर्व तक मलेशिया संपूर्ण हिंदू राष्ट्र हुआ करता था, जहां कई प्राचीन रहस्यमई गुफाएं (Caves) स्थित है तथा कई गुफाओं में मंदिर में स्थित है. इन प्राचीन गुफा (Cave) मंदिरों में से एक है माता पार्वती के बेटे भगवान मुरुगन का गुफा (Cave) मंदिर. यह गुफा (Cave) अत्यंत प्राचीन मानी जाती है तथा इस गुफा (Cave) के द्वार पर भगवान मुरुगन की करीब 45 मीटर ऊंची मूर्ति भी विद्यमान है. इस स्थान पर भगवान मुरुगन के जन्म दिवस के रूप में टिपु सम उत्सव मनाया जाता है जो 10 महीने में एक बार मनाया जाता है.

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#4. वराह गुफाएं (Caves) मंदिर

स्थान : तमिलनाडु

वराह गुफाएं (Caves) तमिलनाडु के चेन्नई शहर के पास महाबलीपुरम में स्थित है. यह गुफाएं (Caves) मूल रूप से भगवान विष्णु को समर्पित है तथा इसमें भगवान विष्णु के अवतारों से संबंधित कलाकारी की गई है. इन गुफाओं को चट्टानों से काट कर बनाया गया है. इन गुफाओं में की गई कलाकारी इतनी सुंदर व भव्य है कि इससे यूनेस्को की विश्व विरासत का हिस्सा भी बनाया गया है.

यह गुफाएं (Caves) सैकड़ों वर्ष पुरानी मानी जाती है तथा इससे संबंधित अन्य शोध अभी चल ही रहे हैं.

#5. एलीफेंटा गुफा

स्थान : महाराष्ट्र

एलीफेंटा गुफा (Cave) केवल भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है तथा घूमने के शौकीन लगभग हर व्यक्ति इन गुफाओं के बारे में जानते हैं. यह गुफाएं (Caves) मुंबई शहर के गेट वे ऑफ इंडिया से करीब 12 किलोमीटर दूर एलीफेंटा नामक स्थान पर स्थित है. यह गुफाएं (Caves) पहाड़ों को काट कर बनाई गई है जिनमें लगभग 7 गुफाएं (Caves) हैं तथा इन में भी सबसे महत्वपूर्ण है महेश मूर्ति गुफा.

इन गुफाओं में प्राचीन पौराणिक कहानियों के विभिन्न दृश्य बहुत ही खूबसूरती के साथ उकेरे गए हैं तथा विभिन्न प्रकार की नक्काशी भी इन गुफाओं की दीवारों पर की गई है.

इन गुफाओं को दुनिया के सबसे बड़े रहस्य में से एक माना जाता है क्योंकि जितनी प्राचीन यह है गुफाएं (Caves) हैं उतनी ही खूबसूरती से यह बनाई गई है तथा वैज्ञानिक इस बात पर हैरान है कि इतने प्राचीन समय पर बिना किसी उच्च टेक्नोलॉजी की सहायता से यह गुफाएं (Caves) बनाई ही नहीं जा सकती, क्योंकि जिस बारीकी से इन गुफाओं का काम किया गया है वह उस समय के मानवों के सामर्थ्य में ही नहीं था. फिलहाल इस गुफा (Cave) के ऊपर कई अन्य वैज्ञानिक शोध भी चल रही हैं.

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#6. अजंता एलोरा की गुफाएं

स्थान : महाराष्ट्र

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिले में स्थित अजंता एलोरा की गुफाएं (Caves) पूरी दुनिया के सैलानियों के आकर्षण का केंद्र रहती है, जिनमें कई बौद्ध गुफाएं (Caves) तथा हिंदू गुफाएं (Caves) मौजूद हैं जिनमें विभिन्न प्रकार के मंदिर बने हुए हैं.

यह गुफाएं (Caves) भी अपनी चित्रकारी नक्काशी तथा कारीगरी को लेकर पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है तथा पूरी दुनिया से विभिन्न वैज्ञानिक भी इन गुफाओं के ऊपर शोध करने के लिए समय समय पर आते रहते हैं.

आमतौर पर यह माना जाता है कि यह गुफाएं (Caves) किसी बाहरी सभ्यता के सहयोग से बनाई गई है क्योंकि जिस प्रकार की इन गुफाओं की कारीगरी व बनावट है, उस प्रकार से यह गुफाएं (Caves) बनाना आधुनिक युग में भी बहुत ज्यादा मुश्किल है.

यह गुफाएं (Caves) बहुत ही ज्यादा प्राचीन मानी जाती है तथा इन गुफाओं में एक विशेष गुफा (Cave) भी है जिसमें कैलाश मंदिर स्थित है. ऐसा कहा जाता है कि यह है मंदिर कम से कम 4000 साल पहले बनाया गया था और उस समय मानव जंगलों में रहता था तथा आदिमानव के रूप में अपना निर्वाह करता था. इसलिए वैज्ञानिक इस बात को लेकर आश्चर्यचकित हैं कि आखिरकार इतनी उन्नत गुफाएं (Caves) उस समय में कैसे बना दी गई.

#7. भगवान अमरनाथ गुफा

स्थान : जम्मू कश्मीर

जम्मू कश्मीर में हिंदुओं का प्रमुख तीर्थ स्थल भगवान अमरनाथ गुफा (Cave) मौजूद है. यह गुफा (Cave) पूरी तरह से प्राकृतिक रूप से निर्मित है जिसमें चमत्कारिक रुप से प्रति वर्ष अपने आप शिवलिंग बनता है.

इस गुफा (Cave) के बारे में मान्यता है कि इसी गुफा (Cave) में भगवान शिव ने देवी सती को अमर होने के लिए कथा सुनाई थी, जिसके प्रतीक स्वरूप प्रतिवर्ष इस गुफा (Cave) में बर्फ का प्राकृतिक शिवलिंग बनता है.

यह गुफा (Cave) कितनी प्राचीन है इसके बारे में अभी शोध होने बाकी है लेकिन इसे दुनिया की सबसे प्राचीनतम तथा रहस्यमयी गुफाओं में से एक माना जाता है.

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#8. बदामी गुफा

स्थान : कर्नाटक

यह शानदार गुफाएं (Caves) कर्नाटक राज्य के बदामी नामक इलाके में स्थित है, इसीलिए इन्हें बदामी गुफाएं (Caves) कहा जाता है. यहां 4 गुफाएं (Caves) प्रमुख हैं जिनमें से 2 गुफाएं (Caves) भगवान विष्णु, 1 गुफा (Cave) भगवान शिव तथा 1 गुफा (Cave) जैन धर्म से संबंधित है.

यह गुफाएं (Caves) भी पहाड़ों को काटकर सैकड़ों वर्ष पहले बनाई गई है तथा यहां के पहाड़ लाल रंग के हैं जिसके कारण कई लोग इन्हें लाल गुफाएं (Caves) भी कहते हैं. यह गुफाएं (Caves) भी पिछली गुफाओं की तरह वैज्ञानिकों के लिए अध्ययन वह आश्चर्य का केंद्र है क्योंकि पहाड़ काटकर इतने सटीक तरीके से गुफाएं (Caves) बनाना प्राचीन मानव सभ्यताओं के सामर्थ्य में नहीं था जिस कारण यहां अभी शोध होते रहते हैं.

यह गुफाएं (Caves) अपनी सुंदरता व नक्काशी तथा कलात्मकता के लिए विश्व प्रसिद्ध है.

#9. परशुराम महादेव गुफा

स्थान : राजस्थान

राजस्थान के अरावली पहाड़ियों में स्थित इस अति प्राचीन गुफा (Cave) मंदिर को परशुराम महादेव गुफा (Cave) मंदिर कहा जाता है. माना जाता है कि भगवान परशुराम ने यह गुफा (Cave) स्वयं अपने फरसे से पहाड़ों को काटकर बनाई थी तथा इस गुफा (Cave) के अंदर स्वयं निर्मित शिवलिंग भी स्थित है.

इस गुफा (Cave) के बारे में यह मान्यता रही है कि यहां भगवान परशुराम ने घोर तपस्या करी थी तथा तपस्या करने के पश्चात उन्होंने भगवान शिव से कई अस्त्र-शस्त्र प्राप्त किए थे. इस गुफा (Cave) को भी बहुत ही प्राचीन माना जाता है जिसकी आयु लगभग 3000 से 4000 वर्ष पुरानी मानी जाती है.

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#10. सीताबैंग जोगीमारा गुफा

स्थान : छत्तीसगढ़

यह रहस्यमयी तथा प्राचीन गुफाएं (Caves) छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले की रामगढ़ पहाड़ियों में स्थित है. यह मुख्यत दो गुफाएं (Caves) हैं जिनका नाम सीताबैंग और जोगीमारा है. इन गुफाओं तक पहुंचने के लिए भी एक प्राकृतिक सुरंग के रास्ते से यहां जाना होता है तथा इसका मुख्य रास्ता छत्तीसगढ़ के पहाड़ी इलाकों तथा घने जंगलों से होते हुए जाता है.

इन गुफाओं को बहुत ही प्राचीन माना जाता है जिनके बारे में अभी तक शोध भी शुरू नहीं हुए हैं तथा इनका संबंध भगवान श्री राम की बनवास यात्रा से जोड़ा जाता है.

#11. बराबर गुफाएं

स्थान : बिहार

भारत की सबसे प्राचीन गुफाओं में से एक बराबर गुफाएं (Caves) बिहार राज्य के गया जिले में स्थित है तथा यह बराबर नाम की दो पहाड़ियों में स्थित है.

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