Sheikh Chilli ke kaarnaame in Hindi – शेख चिल्ली के कारनामे in Hindi

Sheikh Chilli ke kaarnaame in Hindi – शेख चिल्ली के कारनामे in Hindi

कौन थे शेख चिल्ली? Who was Sheikh Chilli

माना जाता है कि सूफी संत (sufi sant) अब्द-उर-रहीम, जिन्हें अब्द-उई-करीम और अब्द-उर- रज़ाक के नाम से भी जाना जाता था उन्ही का प्रसिद्द नाम (famous name) शेख चिल्ली पड़ा। उनकी मौजूदगी 1650 AD के आस-पास की मानी जाती है और हरयाणा (Haryana) में उनका एक मकबरा भी बना हुआ है।

भारत में शेख चिल्ली को एक मजेदार कैरेक्टर (funny character) के रूप में देख जाता है जो अक्सर ख्यालों (leaving in dreams) में खो जाता है और हवाई-किलें बनाया करता है। पर जब उसे होश आता है तो वो खुद को लोगों के बीच पाता है और सबके लिए हंसी का पात्र (character of fun) बन जाता है।

क्यों पड़ा “मियां शेख” का नाम “मियां शेख चिल्ली”

बचपन में मियां शेख चिल्ली (sheikh chilli) को मौलवी साहब नें शिक्षा दी थी की लड़के और लड़की (boy and girl) के लिए अलग अलग शब्दों (different words) का प्रावधान होता है। उदाहरण के तौर पर “सुलतान  खाना खा रहा है” लेकिन “सुलताना खाना खा रही है।”

मियां शेख चिल्ली नें मौलवी साहब (molvi) की यह सीख गाठ बांध ली।

फिर एक दिन मियां शेख चिल्ली जंगल (jungle) से गुज़र रहे थे। तभी उन्हे किसी कुएं के अंदर से किसी के चिल्लाने की आवाज़ (sound of shouting) आई। वह फौरन वहाँ दौड़ (run) कर जा पहुंचे। उन्होने देखा की वहाँ कुए में एक लड़की (girl) गिरि पड़ी थी और वह मदद  (shouting for help) के लिए चिल्ला रही थी।

मियां शेख चिल्ली तुरंत दौड़ कर अपने दोस्तों (friends) के पास गए और उन्हे बोलने लगे कि वहाँ कुएं के अंदर एक लड़की गिरि (girl fall) पड़ी है और वह मदद के लिए चिल्ली  रही है।

मियां शेख चिल्ली और उनके दोस्तों (friends) नें मिल कर उस लड़की को कुएं से बाहर निकाल लिया।

फिर घर जाते वक्त मियां शेख चिल्ली के एक दोस्त (friend ask a question) नें यह सवाल किया की मियां शेख आप लड़की चिल्ली रही….चिल्ली रही… क्यों बोले जा रहे थे?

तब मियां शेख के एक पुराने दोस्त नें खुलासा किया कि मौलवी साहब नें मियां शेख (miya sheikh) को पढ़ाया था की लड़का होगा तो… खाना खा रहा है, और लड़की हुई तो खाना खा रही है इसी हिसाब से मियां शेख नें (when girl was shouting) लड़की के चिल्लाने पर “चिल्ली रही” शब्द का प्रयोग किया।

मियां शेख चिल्ली के सारे दोस्त मियां शेख की इस मूर्खता (laugh on this stupidity) पर पेट पकड़ कर हंस पड़े और तभी से मियां शेख बन गए “मियां शेख चिल्ली”।

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